संजय सेतु में इंस्पेक्शन जॉइंट टूटा, भारी वाहनों का आवागमन रोका गया,124 बेयरिंग बदलने की तैयारी |
Posted on:
2026-03-10
बाराबंकी, 10 मार्च । लखनऊ–गोंडा–बहराइच राष्ट्रीय राजमार्ग पर घाघराघाट स्थित संजय सेतु में तकनीकी खराबी सामने आने के बाद प्रशासन ने एहतियातन भारी वाहनों के आवागमन पर रोक लगा दी है। पुल पर बढ़ते गैप और दरार को देखते हुए बाराबंकी और बहराइच के प्रशासनिक अधिकारियों ने सुरक्षा की दृष्टि से लोडिंग गाड़ियों, ट्रकों, डंपरों और कंटेनरों के गुजरने पर फिलहाल प्रतिबंध लगा दिया है।
थाना प्रभारी निरीक्षक जरवल संतोष कुमार सिंह
ने बताया कि आवश्यक सेवाओं से जुड़े वाहन जैसे गैस, दूध और अन्य जरूरी सामान ले जाने वाले वाहनों को ही सीमित रूप से अनुमति दी जा रही है। भारी वाहनों को वैकल्पिक मार्ग से भेजने के लिए रूट डायवर्जन भी लागू कर दिया गया है।राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचआई) के अवर अभियंता अनंत मौर्य के अनुसार संजय सेतु पर लगा इंस्पेक्शन जॉइंट टूटकर नीचे गिर गया है, जिससे पुल पर गैप काफी बढ़ गया है। स्थिति को संभालने के लिए अस्थायी तौर पर बालू की बोरियां रखने का प्रयास किया गया, लेकिन गैप ज्यादा होने के कारण बोरियां टिक नहीं पा रही हैं। ऐसे में किसी भी जोखिम से बचने के लिए भारी वाहनों का आवागमन रोक दिया गया है।
अवर अभियंता ने बताया कि बहराइच बाराबंकी के प्रशासनिक अधिकारियों ने बड़े वाहनों पर रोक लगाई है। संजय सेतु लंबा और महत्वपूर्ण पुल है, इस पुल से गोंडा, बहराइच, बाराबंकी, बलरामपुर, श्रावस्ती व नेपाल के लिए आवागमन करते हैं। इसलिए सावधानी बरतते हुए फिलहाल छोटे वाहनों तथा बस और आवश्यक सेवाओं से जुड़े वाहनों को ही गुजरने दिया जा रहा है।
विभाग के अनुसार पुल में कुल 124 बेयरिंग बदलने का कार्य प्रस्तावित है, जिसे 11 मार्च से शुरू करने की तैयारी की जा रही है। यह काम नदी के नीचे से किया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि मई–जून में घाघरा नदी का जलस्तर बढ़ने से पहले नीचे के सभी जरूरी कार्य पूरे करने का प्रयास किया जाएगा। पुल के ऊपर स्थित इंस्पेक्शन जॉइंट का स्थायी निर्माण कार्य प्लाटून पुल बनने के बाद ही किया जाएगा। इसके लिए पुल पर आवागमन पूरी तरह बंद करना पड़ेगा, इसलिए पहले वैकल्पिक व्यवस्था तैयार की जाएगी।फिलहाल प्रशासन और तकनीकी टीम लगातार संजय सेतु की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं, ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचाव किया जा सके और जल्द से जल्द सुरक्षित आवागमन बहाल किया जा सके।