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क्या आप जानते हैं? देसी अचार आपके पाचन के लिए है लाभकारी

Posted on: 2026-05-16
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क्या आप जानते हैं? देसी अचार आपके पाचन के लिए है लाभकारी

खाने के साथ परोसे जाने वाले अचार का भारतीय खाने की परंपराओं में खास महत्व रहा है। सदियों से, अचार को देसी खाने का एक ज़रूरी हिस्सा माना जाता रहा है। यह स्वाद बढ़ाता है लेकिन पुरानी मान्यता है कि यह पाचन में भी मदद करता है, भूख बढ़ाता है और खाने के पूरे स्वाद को बैलेंस करता है। जहाँ आज के ज़माने में फास्ट फूड और पैकेज्ड प्रोडक्ट्स की पॉपुलैरिटी बढ़ी है, वहीं पारंपरिक स्वाद और उनसे जुड़े हेल्थ बेनिफिट्स लोगों की थाली में आज भी खास जगह बनाए हुए हैं।

अचार और हेल्थ बेनिफिट्स पुराने ज़माने में, अचार को सिर्फ़ खाने के साथ परोसे जाने वाले अचार के तौर पर नहीं, बल्कि पेट की सेहत को बेहतर बनाने के घरेलू नुस्खे के तौर पर भी माना जाता था। नमक, सरसों के तेल और मसालों के मिश्रण से तैयार अचार पाचन तंत्र को एक्टिव रखने और अच्छे से काम करने में मदद करता था। यही वजह है कि दाल-चावल, पराठे और खिचड़ी जैसी मुख्य चीज़ों के साथ अचार का थोड़ा सा हिस्सा हमेशा परोसा जाता था।

गुंडा इसे लसोड़ा या इंडियन चेरी के नाम से भी जाना जाता है, गुंडा का इस्तेमाल अक्सर अचार बनाने के लिए किया जाता है। यह फल प्रोटीन, फाइबर, कैल्शियम, फॉस्फोरस और आयरन का भरपूर सोर्स है। माना जाता है कि इस फल से बने अचार डाइजेशन को मजबूत करते हैं और शरीर को ठंडक देते हैं। मिर्च, लहसुन और आम का अचार मिर्च और लहसुन का अचार न सिर्फ खाने में तीखा स्वाद लाता है बल्कि डाइजेशन में भी मदद करता है। लहसुन में मौजूद एंटीबैक्टीरियल गुण पेट को हेल्दी रखने में मदद करते हैं। इसी तरह, कच्चे आम का अचार भूख बढ़ाने और डाइजेशन हेल्थ को बेहतर बनाने के लिए फायदेमंद माना जाता है।

अचार में सरसों का तेल और नमक क्यों ज़रूरी हैं? सरसों का तेल अचार के लिए सबसे असरदार प्रिजर्वेटिव माना जाता है। यह न सिर्फ स्वाद बढ़ाता है बल्कि अचार को सुरक्षित और फ्रेश भी रखता है। वहीं, नमक बैक्टीरिया और फंगस लगने से बचाता है। पारंपरिक तरीकों से तैयार घर के बने अचार न सिर्फ स्वाद में बेहतर होते हैं बल्कि पेट की हेल्थ के लिए भी बहुत फायदेमंद माने जाते हैं। सही तरीके से तैयार करने पर, अचार डाइजेशन में मदद करते हैं और खाने का स्वाद भी बेहतर बनाते हैं।



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