14 सितंबर को एक साथ तीज और गणेश चतुर्थी, व्रत का पारण 15 सितंबर को
Posted on:
2026-09-12
बलरामपुर, 12 सितंबर । इस साल 14 सितंबर का दिन धार्मिक दृष्टि से खास रहने वाला है। हरतालिका तीज और गणेश चतुर्थी एक ही दिन पड़ने के कारण श्रद्धालु भगवान शिव-पार्वती के साथ भगवान गणेश की आराधना करेंगे। पंचांग के अनुसार तृतीया तिथि उदयातिथि के आधार पर 14 सितंबर को मानी जाएगी। इसी दिन सुहागिन महिलाएं हरतालिका तीज का व्रत रखेंगी।
हरतालिका तीज को सुहागिन महिलाओं के प्रमुख व्रतों में माना जाता है। महिलाएं पति की लंबी उम्र, अखंड सौभाग्य और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के साथ यह व्रत करती हैं। व्रत के दौरान महिलाएं पूरे दिन अन्न और जल का त्याग कर भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करती हैं। व्रत का पारण 15 सितंबर को किया जाएगा।
सुबह से शुरू होगी गणेश चतुर्थी
आचार्य ददन पांडेय के अनुसार, 14 सितंबर की सुबह 7:18 बजे चतुर्थी तिथि शुरू होगी। इसी के साथ गणेश जन्मोत्सव की शुरुआत मानी जाएगी। गणेश उत्सव का समापन 25 सितंबर को अनंत चतुर्दशी के दिन होगा। इस दौरान घरों और सार्वजनिक स्थानों पर भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित कर पूजा-अर्चना की जाएगी।
पंचांग के अनुसार गणपति स्थापना और पूजा के लिए सुबह 11:03 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक का समय शुभ बताया गया है। इस दौरान श्रद्धालु विधि-विधान से भगवान गणेश की स्थापना कर पूजा कर सकते हैं।