छह नवंबर को धनतेरस, आठ को दीपावली और 10 नवंबर को गोवर्धन पूजा
Posted on:
2026-10-28
धमतरी, 28 अक्टूबर । कार्तिक मास में दीपावली सहित विभिन्न धार्मिक पर्वों को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं। विप्र विद्वत परिषद धमतरी के अनुसार देव पंचांग के आधार पर इस वर्ष धनतेरस से लेकर सूर्य षष्ठी पूजा तक विभिन्न पर्व निर्धारित तिथियों पर मनाए जाएंगे।
पर्वों की शुरुआत छह नवंबर शुक्रवार को धनतेरस से होगी। इसके बाद आठ नवंबर रविवार को दीपावली एवं महालक्ष्मी पूजन किया जाएगा। 10 नवंबर मंगलवार को गोवर्धन पूजा और अन्नकूट महोत्सव मनाया जाएगा। 11 नवंबर बुधवार को यम द्वितीया एवं भाई दूज तथा 15 नवंबर रविवार को सूर्य षष्ठी पूजा का पर्व होगा। दीपावली हिंदू धर्म के प्रमुख त्योहारों में से एक है, जिसका धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक दृष्टि से विशेष महत्व है। इस दिन घरों और प्रतिष्ठानों में दीप प्रज्ज्वलित कर मां महालक्ष्मी की पूजा-अर्चना की जाती है। मान्यता है कि विधि-विधान से पूजन करने पर सुख-समृद्धि, धन-वैभव और खुशहाली का आशीर्वाद प्राप्त होता है। दीपावली के अवसर पर घरों की साफ-सफाई, साज-सज्जा और दीप जलाने की परंपरा है। वहीं, गोवर्धन पूजा एवं अन्नकूट महोत्सव प्रकृति, गौवंश और भगवान श्रीकृष्ण के प्रति श्रद्धा एवं कृतज्ञता व्यक्त करने का पर्व है। इस दिन भगवान श्रीकृष्ण की पूजा के साथ अन्नकूट का भोग अर्पित करने की परंपरा निभाई जाती है।
इसके अगले दिन भाई दूज का पर्व भाई-बहन के स्नेह, विश्वास और पारिवारिक रिश्तों की मिठास को मजबूत करता है। बहनें अपने भाइयों के सुखी एवं दीर्घायु जीवन की कामना करती हैं। इसी क्रम में सूर्य षष्ठी पूजा में भगवान सूर्य की उपासना कर परिवार की सुख-समृद्धि और कल्याण की कामना की जाती है। विप्र विद्वत परिषद धमतरी के अध्यक्ष बालेंद पांडे व उक्त जानकारी विप्र विद्वत परिषद धमतरी के मीडिया सलाहकार पंडित राजकुमार तिवारी ने कहा कि दीपावली का पर्व धन, वैभव एवं सुख-समृद्धि की अधिष्ठात्री देवी मां महालक्ष्मी की आराधना का विशेष अवसर है। वहीं, गोवर्धन पूजा प्रकृति और गौवंश के संरक्षण का संदेश देती है। उन्होंने लोगों से सभी पर्वों को श्रद्धा, उत्साह और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाने की अपील की।